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Saturday, 24 March 2018

सुपरमैन अरविन्द हरियाणा बचाने आ रहे है


अरविन्द केजरीवाल कल हरियाणा बचाने हिसार आ रहे है। बहुत अफ़सोस की बात है कि मुझे कल जरुरी काम से भिवानी जाना पड़ रहा है तो मैं उनके हरियाणा को बचाने में शरीक नहीं हो पाउँगा। पर एक बात का सकून भी है कि कल भिवानी बेख़ौफ़ हो कर जा सकता हूँ। जब हरियाणा सारा ही बच जाएगा तो भिवानी को भी कल कुछ नहीं होने का। केजरीवाल जी को हरियाणा को बचाने कायदे से रात को आना चाहिए था। दिन में  एक चौथाई हरियाणा तो वैसे ही दिल्ली रहता है। सारे हरियाणा को तो नहीं बचा पाएंगे। बाकी को दिल्ली जाकर बचाना पड़ेगा।
  
वक़्त भी केजरीवल जी ने ग़लत चुना है।  हरियाणा की जनता बहुत दयालु है। पिछले तीन चार साल में कई बार केजरीवाल को मौक़ा देने के लिए हरियाणा में आग लगा दी थी पर केजरीवाल भाई बचाने आये ही नहीं। अभी पीछे ही मौका था जब राम रहीम वाले मसले पर पंचकूला जल रहा था। पूरा दिन जलता रहा है केजरीवाल का इन्तजार करता रहा कि भाई अब आये भाई तब आये। उससे पहले जाट आंदोलन ने भी केजरीवाल जी को हरियाणा बचाने के बहुत मौके दिए थे। खैर आदमी की सौ मजबूरियाँ होती है क्या बता उस वक्त उनका सुपरमैन वाला कुरता सिल कर ना आया। पर चलो देर आये दुरुस्त आये हरियाणा की जनता बहुत दयावान है केजरीवाल को और भी मौके देगी। 

केजरीवाल जी नेता है। बनिया भी है ये बात वो खुद ही बता चुके है। बनिया और नेता का कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा होता है और फिर उन्हें तो प्रदेश बचाने का अनुभव भी बहुत है। 2010  में दिल्ली बचाने गए थे तब  दिल्ली को ख़त्म होने में बस डेढ़ महीना ही बचा था। सारे दिल्ली वाले भाग भाग कर जंतर मन्तर  पर खड़े हो गए थे।  तब से लेकर आज तक 8 साल हो गए मजाल की दिल्ली का कुछ बिगड़ा हो। अब कोई जंतर मन्तर पर खड़ा नहीं होता। सब आराम से अपने घर में सोते है। अभी डेढ़ साल पहले की ही बात है केजरीवाल पंजाब को भी बचाने गए थे। वहाँ ये बयान दिया था कि पंजाब क्या मैं तो पंजाब का सारा पानी भी बचाऊँगा। हरियाणा क्या करेगा पानी का। हरियाणा वालों को दारु पीने तक का शऊर नहीं है पानी का क्या करेंगे वो। पर पंजाब वालों को कांग्रेस पर ज्यादा भरोसा था। कमाल ही बात है बिना केजरीवाल के , पंजाब भी बचा हुआ है अब तक। राजनीती में शब्द पीछा करते है कल केजरीवाल हरियाणा आ रहे है। क्या कहेंगे ?  पानी तो पंजाब से नहीं ला सकता बिना पानी वाला हरियाणा बचा लूँगा। पर जैसा मैंने आपको बताया कि केजरीवाल जी नेता है तो ये बयान वयान से निपटना उन्हें आता है। वैसे भी हरियाणा पंजाब के लोग पानी वाली बात को ज्यादा सीरियसली नहीं लेते। कांग्रेस , इनलो , बीजेपी अकाली तमाम पार्टी दोनों प्रदेश को पिछले 40 साल से ऐसे बेवकूफ बना रही है। हरियाणा में बोलते है पानी लाकर रहेंगे पंजाब जाकर कहते है पानी तो नहीं देने का किसी को भाई। बेवकूफ बनने का अपना मजा है। 

हरियाणा को बचाने केजरीवाल अकेले नहीं आ रहे है साथ में नवीन जयहिंद भी आ रहे है। उनकी आवाज आजकल एफएम पर सुनाई दे रही है। मराठी मानुस की तर्ज पर हरियाणवी में बोल रहे है कि हरियाणा का आदमी दुनिया में सबते बढ़िया है हरियाणा का आदमी दुनिया में सबते प्यारा है। 
हाय ऐसे सबसे बढ़िया आदमी के साथ नाइंसाफी हो रही है। पर अब टेंशन नहीं है सुपरमैन साहब आ रहे है दुनिया के सबसे बढ़िया और प्यारे आदमी को बचाने। वैसे हरियाणा के आदमी से नवीन का क्या आशय है वो ही जाने। ये भी कमाल बात है मैं 37 साल से हरियाणा में रह रहा हूँ। मुझे आजतक नहीं पता चला कि हरियाणा में दुनिया का सबते बढ़िया आदमी रहता है। हरियाणा जहाँ जातिवाद  और मर्दवाद चरम पर है। दलितों पर शोषण की नयी इबारत हर रोज लिखी जा रही है। हरियाणा जिसकी बोली के हर दूसरे शब्द में दलितों औरतों के लिए घृणा भरी रहती है उसका आदमी दुनिया में सबते बढ़िया है। खैर नवीन जयहिंद भी नेता है। अब कह रहा है तो सही ही कह रहा होगा। 

बाकी हरियाणा बच जाए तो इत्तला दे दीजियेगा। वैसे ऐसे ही बचाने वाले के बारे में हरिशंकर परसाई भी कुछ कहकर गए है। 

"जनतंत्र बचाने के पहले ये सवाल उठता है - किसके लिए बचाये ? जनतंत्र बच गया और फ़ालतू पड़ा रहा , तो किस काम का। बाग़ की सब्जी को उजाडु ढोरों से बचाते है , तो क्या इसलिए कि वह खड़ी खड़ी सूख जाए ? नहीं , बचानेवाला सब्जी पकाकर खाता है। जनतंत्र अगर बचेगा तो इसकी सब्जी पकाकर खाई जायेगी। मगर खानेवाले इतने ज्यादा है कि जनतंत्र के बंटवारे में आगे चलकर झगड़ा होगा।" 

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