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Monday, 9 October 2017

मुझको भी तरकीब सिखा दे यार जुलाहे।


बहुत अजीब कश्मकश का दौर है। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं अमोल सरोज अपने होशो हवास में फासिज्म की लड़ाई की राह में रोड़ा बनूँगा। मेरी ऐसी कोई इच्छा  भी नहीं है। ये बात भी सच है कि पूंजीवाद में रिवर्स मार्किट भी है जो चीज ट्रेंड में हो उसका  विरोध कर दो और हिट हो जाओ। नास्तिको के खुदा की कसम खा कर कहता हूँ मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है। मेरे सीए होने का जो आरोप मुझ पर लगा है वो बिलकुल बेबुनियाद है। जो मुझे  जानते है वो अच्छे से जानते है कि बतौर सीए मेरा ट्रेक रिकॉर्ड ख़ास अच्छा नहीं है और नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक मेरे विचार इतने वाहियात थे कि पिछले महीने तक सीए को पसंद नहीं आये थे। संघी होने के आरोप से उतना आहत नहीं हूँ जितना भयभीत खुद की खाकी कच्छे में फोटो इमेजिन करके हो रहा हूँ। यक। 

कल रात रिपोर्ट पर थोड़ा बहुत  लिखा था। सवाल सारे बचे हुए पार्ट पर पूछे गए। मैं फिर थोड़ा सा ज्ञान बांटने आया हूँ उससे पहले मैं ये बताना चाहता हूँ रिपोर्ट बहुत ग़ज़ब है। इससे फासिज़्म के छक्के छूट जाने है। मेरा इरादा न तो अपनी सीए की डिग्री दिखाने का है न ही ये अमित शाह से कैश लेने का। बाकी अगर ऐसा कुछ हो जाए तो मुझे हर्ज भी नहीं है। बल्कि अब तो मैं भी कुछ सीखने को आतुर हूँ। 

फिर भी मैं दिल से चाहता हूँ कि अफवाहे न फैले। अबके तो मैं कोई आरोप भी नहीं लगाऊंगा। ये वायर की रिपोर्ट का हिस्सा है। 

"इस फाइलिंग से केआईएफएस नामक लिस्टेड कंपनी से 15.78 करोड़ के असुरक्षित कर्ज का भी पता चलता है. उसी वित्तीय वर्ष के लिए, यानी जिस साल कर्ज दिया गया, केआईएफएस का राजस्व 7 करोड़ रुपये था. केआईएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज के वार्षिक रिपोर्ट में भी टेंपल इंटरप्राइज को दिए गए 15.78 करोड़ के असुरक्षित कर्जे का कोई जिक्र नहीं मिलता है."


वायर ने लिखा कि केआईएफएस का राजस्व यानी टर्नओवर 7 करोड़ था और उसने 15.78 करोड़ का लोन दे दिया। मुझे नहीं समझ आया कि लोन के संदर्भ में टर्नओवर का जिक्र क्यों किया जबकि लोन का टर्नओवर से कोई लेना नहीं होता।  केआईएफएस के फाइनेंसिंग कम्पनी है जो अपनी कमाई से लोन नहीं देती बल्कि लोन देने से कमाई करती है। ये बिलकुल वैसे ही है कि आप मुझसे कहो कि आपके घर निम्बू का पेड़ नहीं है तो आपने अपने दोस्त को अमरुद कहाँ से दिए। भाई अमरुद के लिए अमरुद का पेड़ होना चाहिए निम्बू का हो या न हो फर्क नहीं पड़ता। 15.78 करोड़ लोन दिया या नहीं ये कम्पनी की बेलेंस शीट से  पता लग सकता है टर्नओवर से नहीं। दूसरा केआईएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज ने वार्षिक रिपोर्ट में जिक्र नहीं किया।  मुझे लगता है  उनकी बैलेंस शीट में एसेट साइड में होगा। न होने का कोई कारण नहीं है। 


खैर ये लिखने के पीछे कारण मेरा मकसद उन 99 फीसदी लोगो की भावनाये हर्ट करना नहीं था जिन्होंने इतनी भयंकर मिसलीडिंग रिपोर्ट को बिलकुल ट्रू सेन्स में पढ़ लिया। वो फासिज्म के खिलाफ सच्चे सिपाही है मेरा मकसद सिर्फ उन एक परसेंट लोगो को जागरूक करना है जिन्हे पोस्ट पढ़कर लगा कि 80 करोड़ इनकम है। या 7 करोड़ प्रॉफिट में से 15 करोड़ लोन दे दिया। या लोन को बेलेंस शीट में नहीं दिखाया। ऐसा कुछ नहीं है। मैं चाहता हूँ कि अपनी बिरादरी खामखाह में बदनाम ना हो। मैं आपके ही साइड हूँ भले ही चेहरे पर मार्क देख लो। और बहुत मुमकिन है कि अगर अमित शाह ने कोई घोटाला किया भी हो तो ऐसी रिपोर्ट के पीछे वो छुप जाएगा। ऐसा करने से सही बात समझाना और सुनाना और मुश्किल हो जाएगा।  

मैं नोटबंदी के वक्त अपने बिरादरी के भाई लोगो को समझाने की कोशिश कर रहा था कि कैसे आपको ये सब दिखाई नहीं दे रहा है। वही कोशिश मैं अब आप सबको दिखाने की कोशिश कर रहा हूँ बहुत नॉर्मल सी बात है।  सब साफ़ दिखाई दे रहा है। आप अमित शाह के लिए कोई संजीदा कोशिश करो तो समझ आता है यही रिपोर्ट संजीदगी से बनाई जा सकती थी। पर ऐसे अफवाह फैलाने वाली स्टाइल में लिखोगे तो कैसे संजीदा हुआ  जाएगा। 


बाकी कोई दिक्कत नहीं है मैं आप लोगो के साथ ही हूँ। अपन अमित क्या ट्रम्प को भी देख लेंगे सब पूंजीपति एक जैसे है। फासीवाद के खिलाफ हर तरह की जंग सही है। इस बार माफ़ कर दो तो अगली बार शिकायत का मौका नहीं दूंगा 

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