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Sunday, 4 June 2017

अख़बार हाजिर है - आज पर्यावरण दिवस है। अख़बार वाले पेड़ काटने से मना कर रहे है




अख़बार पढ़ने के बहुत फायदे होते हैं । अख़बार पढ़ा तो पता लगा आज पर्यावरण दिवस है। फिर सोचा कि
ना ही पता लगता तो अच्छा होता। सरकार पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए जी जान एक किए  हुए है। अख़बार वाले कह रहे है पेड़ ना काटो। अभी फेसबुक पर ठीक से गया नहीं हूँ वहाँ भी पर्यावरण पर चिंतन हो ही रहा होगा। खैर पर्यावरण के बारे में ज्यादा नॉलिज नहीं है। ज्यादा नॉलिज न हो तो बात नहीं करनी चाहिए वरना लोग बीजेपी का मंत्री समझने लगते है। नवंबर 2016 में मोदी जी ने देश में काला बाजारी , आतंकवाद रोकने के लिए 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए। तब से लेकर अब तक जाने झूठ का व्यापार कितना फैल चुका है। जेटली साहब बोल रहे हैं  कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था मज़बूत हुई है। आप भी सोच रहे होंगे कि लेखक के घुटने का स्क्रू ढीला हो गया है। इसका दिमाग घुटने से भी नीचे सरक गया है। आज पर्यावरण दिवस पर भी नोटबंदी ले आया। कुछ लिखने को है नहीं तो ना लिखे कोई मजबूरी थोड़ी है। पर माय लार्ड आप ग़लत सोच रहे है।  मैं साबित करके रहूँगा कि नोटबंदी का पर्यावरण से बहुत गहरा रिश्ता है। अगर इतना भी ना कर सका तो धिक्कार है मेरी 5 साल की फेसबुक की शिक्षा दीक्षा पर। 8 नवंबर को मोदी जी ने नोटबंदी की। अख़बार , टीवी , हर जगह पटाखे फोड़े गए। जनता को भरम दिया गया कि  ये सब  भ्रष्टाचार ,आतंकवाद खत्म करने के लिए किया है। अब अच्छे दिन आने वाले है। अगले दिन से जनता लाइन में लग गयी। मैं भी लगा था। वही बैंक में एक भाई ने मेरा नंबर भी लिया था और कहा था कि दो महीने बाद जब सब काला बाजार करने वाले जेल में  होंगे तब वो  मुझ से बात करेगा। खैर दो महीने कहाँ 15 नवंबर को ही एक नेता ने अपनी बेटी की शादी में 500 करोड़ रूपये खर्च किये। उस वक्त में जब आम आदमी सौ सौ रूपये के लिए भटक रहा था। नेता ने अपनी बेटी की शादी में 500 करोड़ रूपये खर्च किये। पता है कौन नेता था। नेता का नाम है  -जनार्दन रेड्डी।  पार्टी का नाम नहीं बताऊँगा। बेईमान किसी भी पार्टी में हो सकते है। 2011 में रेड्डी साहब को बेल्लारी में माइनिंग स्कैम में गिरफ्तार किया गया था। स्कैम क्या था दिन दहाड़े डैकेती थी। बेल्लारी का सारा खनिज , लोह अयस्क अवैध रूप से भारत से बाहर कर दिया गया। हिन्दू राष्ट्र में वैसे भी लोहे का क्या काम , यहाँ तो सोने की चिड़िया उड़ती थी। 2014 में ईमानदार सरकार आयी 2015 में रेड्डी साहब को बेल मिल गयी। 8 नवंबर 2016 में सरकार ने नोटबंदी लागू की 15 नवंबर में रेड्डी साहब ने 500 करोड़ में अपने बेटी की शादी की। कमाल बात ये सब खुले में है। सबको पता है। अपनी बेटी की शादी में 500 करोड़ खर्चने वाले ने क्या तबाही न मचाई होगी।

खैर मेरा काम नोटबंदी से पर्यावरण का रिश्ता जोड़ना था। नोटबंदी से पर्यावरण का बहुत लाभ हुआ। जो शादी 500 करोड़ में हुई , नोटबंदी ना हुई होती तो शायद 5000 करोड़ में होती। मैं हिन्दू राष्ट्र की कल्पना कर रहा हूँ जिसमें न लोहा होगा न कोयला होगा सब तो पार कर दिया भाई लोगो ने। अंग्रेजो को गए तो 70 साल हो गए। रेड्डी साहब अभी भी है। उस वक्त भी थे। वैसे भी पर्यावरण हम दिवाली पर साफ़ कर देते है सारा। हिन्दू राष्ट्र में पर्यावरण दिवस उस दिन मनाया जाएगा जिस दिन राम जी अयोध्या आये थे। अयोध्या से याद आया योगी जी की सरकार में सब बढ़िया चल रहा है सुना कोई मंत्री के सिपाही की गन एम् आर आई में चिपक गयी। बड़ी बदतमीज मशीन थी। उस मशीन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। 

मंत्री , विधायक की बात आते ही हरियाणा याद आ जाता है। हरियाणा में आजकल जो हो रहा है वो अभूतपूर्व हो रहा है। हरियाणा सरकार ने " हरियाणा अर्बन डेवलोपमेन्ट ऑथोरिटी ", जिसे प्यार से लोग huda कह देते थे , का नाम बदल दिया। नाम बदलने का कारण ग़ज़ब दिया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री का नाम इससे मिलता जुलता था। शुक्र है भूपेंद्र सिंह हुड्डा का  नाम  "भारत " नहीं था वरना बीजेपी वाले भारत का नाम पाकिस्तान रख सकते थे। ये सरकार नाम बदलने में वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज करा सकती है। हो सकता है 2019 तक आते आते नए नाम और पुराने नाम याद रखने का एक अलग से सब्जेक्ट हो जाए हरियाणा में। भूपेंद्र सिंह हुड्डा जहाँ जाते है बीजेपी वाले अपनी मूर्खता का टोकरा लिए वहाँ उनसे पहले पहुँच जाते है। अभी भूपी भाई रोहतक में शहीद मदन लाल ढींगरा की मूर्ति का अनावरण गए थे।  ऐसे कैसे भइया।  भूपेंद्र सिंह हुड्डा जाट , मदन लाल ढींगरा पंजाबी , ऐसे कैसे अनावरण कर देंगे। रोहतक के बीजेपी  विधायक  ग्रोवर साहब कूद गए मैदान में।  बोले - 


"ये हुड्डा जानता क्या मदन लाल ढींगरा जी के बारे में। मैं जानता हूँ। मेरे पास वाले मकान में तो रहते थे।  छोले भटूरो की दूकान थी उनकी। हम कितनी बार खा के भाग जाते थे पैसे भी नहीं देते थे। ये हुड्डा बात करेंगे अब हमारे मदन लाल ढींगरा जी के बारे में?  भगत सिंह तक उनसे मशविरा लेने आते थे लाहौर से। बिलकुल कल ही की तो बात है भगत सिंह आये थे ढींगरा जी बोले अभी बहुत छोटा है तू।  दो साल का है अभी तुझे मैं क्या मशविरा दूँ। पर अपने भगत सिंह तो भगत सिंह थे अड़ गए जी दो साल का हूँ तो क्या हुआ।  दो साल की उम्र में मैंने गीता याद कर ली है। मेरी माँ का नाम लिख सकता हूँ और दो साल के भगत सिंह ने अपनी पांचो माताओ का नाम लिख दिया हमारे आगे 

भारत माता 
गौ माता 
वैष्णो देवी माता 
काली माता 
और मेरी माता उसका नाम याद नहीं आ रहा अभी। 

ढींगरा जी बहुत खुश हुए भगत सिंह को एक छोले भठूरे की प्लेट फ़ालतू खिलाई और आशीर्वाद दिया मुझे बिलकुल याद है ये हुड्डा कैसे कर सकता है अनावरण। "

किसी ने कोहनी मारी विधायक जी रुकिए भगत सिंह कभी भारत से बाहर नहीं गए। ढींगरा जी की शहादत  लंदन में हुई। क्या ग़ज़ब ढा रहे है। 1907 में भगत पैदा हुए , 1909 में ढींगरा जी चले गए। 

इतना सुनते ही ग्रोवर जी गुस्सा हो गए अच्छा शर्मा जी भारतीय फौजियों को पकिस्तान में 250 किलोमीटर अंदर तक ले जा सकते है मैं ढींगरा जी को लंदन से रोहतक नहीं ले जा सकता। हद ही है मतलब। 

खैर जाने दो बड़े लोगो की बड़ी बाते है। आज पर्यावरण दिवस है। और कुछ हम नहीं कर सकते। पोलोथिन इस्तेमाल करना बंद कर सकते है। ज्यादा मुश्किल नहीं है। कोशिश करेंगे तो हो जायेगा। प्लास्टिक का मोह छोड़ दीजिये। मेरे लिए नहीं तो देश के लिए छोड़ दीजिये। देश के लिए नहीं तो गाय के लिए ही छोड़ दीजिये 


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