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Monday, 12 June 2017

लेखक खड़ा प्राइम टाइम में , मांगे खुद की खैर।

                                   
(लेखक को रात एक सपना आया। सपने में लेखक एक  बड़े टीवी चैनल के कटघरे में खड़ा था। लेखक के सपने को हु ब हू यहाँ पेश किया जा रहा है )
नॉएडा फिल्म सिटी में कहीं एक सेट बनाया गया है जिसमे एक तरफ जंग का माहौल जगाने की कोशिश है जिसमे भारत के सैनिक पकिस्तान के सैनिको को मारते दिखाए है। असल जंग जैसा लगे इसलिए बाकायदा सैनिको के रूप 20 -30 लोग अभिनय कर रहे है। दूसरी तरफ क्रिकेट मैच का माहौल है। भारत पाकिस्तान का क्रिकेट मैच हो रहा है दर्शक आनंद ले रहे है। इन दोनों के बीच में  तेज तर्रार एंकर खड़ा था एंकर के साइड में मुजरिम की तरह लेखक खड़ा था। अपनी तरह का ये पहला प्राइम टाइम था जिसमे दर्शको , प्लयेर , फौजियों को मिलकर सौ से ज्यादा लोग अभिनय कर रहे थे। अरे चैनल का नाम बताना तो भूल ही गया। चैनल का नाम D टीवी है । कभी डी कम्पनी का राज था अब माहौल बदल चुका है अब डी से दाऊद नहीं देशभक्ति से जाना जाता है। नौ बजने ही वाले है एंकर कभी भी फट सकता है

एंकर - आप सब का देशभक्त टीवी पर स्वागत है। जैसा कि आप सब जानते है कि आज दुश्मन देश पाकिस्तान अपना चैम्पियन ट्रॉफी का सेमीफाइनल जीत चुका है। कल भारत का बांग्लादेश के साथ मुकाबला है। अगर भारत ये मैच जीतता है तो उसे पाकिस्तान के साथ फाइनल  खेलना पड़ेगा। उस पाकिस्तान के साथ जिससे हमारे जवान दिन रात लोहा ले रहे है। जैसा कि आप मेरी दायीं साइड  में देख सकते है कैसे हमारे जवान पाकिस्तान की सेना के नापाक इरादो का हर रोज जवाब देते है। आप बायीं  साइड देखिये कैसे भारत पाकिस्तान के मैच का दर्शक मजा लेते है। क्या हमारे सैनिको के खून की कोई कीमत नहीं है ? क्या एक चैम्पियन ट्राफी देश से बड़ी है। आज का सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या देश के लिए , देश के फौजियों के लिए भारत को बांग्लादेश से हार नहीं जाना चाहिए ? भारत की हार पाकिस्तान के मुंह पर करारा तमाचा होगी। आप इस सवाल का जवाब sms कीजिये

क्या भारत को बांग्लादेश से अपना मैच हार जाना चाहिए
a )  जरूर हार जाना चाहिए   B ) पक्का हार जाना चाहिए
C ) बहुत बड़े अंतर् से हार जाना चाहिए  D ) बड़े नहीं नजदीकी अंतर् से हारना  चाहिए।


आज जब हम यहाँ इस सवाल पर एकमत है कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेलना चाहिए वहीँ भारत में ही कुछ ऐसे लोग भी है जो पाकिस्तान को क्रिकेट में स्पोर्ट करते है उनको चीयर करते है। ऐसे ही एक देशद्रोही से हम आज बात करेंगे। आप जो सोच रहे है कि वो मुसलमान होगा तो बता दूँ हमारे देश में जयचंदो की कमी नहीं है आइये आपको ऐसे ही एक जयचंद से मिलाते है जो स्वघोषित लेखक भी है।

लेखक अमोल सरोज तुम्हारा इस शो में स्वागत मैं नहीं कर सकता। मुझे अपने पर शर्मिन्दिगी हो रही है मैं तुम जैसे आदमी से बात कर रहा हूँ पर देश को तुम्हारी हकीकत से बताना जरुरी है तो तू बता  तू   पाकिस्तान टीम को स्पोर्ट क्यों करता हैं ?

लेखक ,- हमारे खेत का पड़ोसी है भाई । 😂 लव द नेबर । अंग्रेजी का मास्टर बोला। 
एंकर  - वो हमारे दुश्मन हैं हमारे सैनिकों को मारते हैं । तुम्हें शर्म नहीं आती। 
लेखक  - वो पाकिस्तान की सरकार का मामला है पाकिस्तान की सरकार अपने सैनिक भी उतने ही मरवाती है। और सैनिक ही नही अपने नागरिक भी उतने ही मरवाती है । निजाम कहीं का भी निकम्मा हो सकता है । लखनऊ में सीएम को काला झंडा दिखाने पर विद्यार्थियों को जेल हो गयी है । मप्र में किसानों का हाल देख ही रहे हो । चंडीगढ़ में छात्र पिटे। सरकार तो कहीं की भी निकम्मी हो सकती है । किसी किसी देश की सरकार तो अपने देश के नागरिक  को ही जीप के आगे बांध देती है। 
एंकर  - जिस थाली में रोटी खाते हो उसी में छेद करते हो
लेखक  - देशभक्त बाबू  , पाकिस्तान का स्पोर्ट  करने से थाली में छेद नही होता है । मैं तो उस थाली में गोबर न आये इसकी कोशिश कर रहा हूँ । प्यार महोब्बत करने के सिवाय मेरी कोशिश रहती है मैं जहाँ रहता हूँ वहाँ कुछ ऐसा करू कि मेरी ही नही सबकी थाली में कुछ न कुछ रोटी बढ़े । मैंने अपनी ज़िंदगी के 32 साल क्रिकेट मैच में पाकिस्तान से नफरत करके देखा मेरी पड़ोसी की थाली की रोटियाँ कम ही होती गयी । कोई फर्क नही पड़ा । फिर अहसास हुआ ये तो मामला ही गड़बड़ है । क्रिकेट मैच से प्यार करने से तो रोटी नही बढ़ेंगी । बैंगलोर  की टीम विजय माल्या की है माल्या गरीबों की रोटी क्या थाली भी लेकर लंदन भाग गया है। भारत का कप्तान उसकी टीम का भी कप्तान है । रोटी का मसला तो वहाँ है । पाकिस्तान वालों की तो खुद की रोटी पर डाका पड़ा है वो हमारी रोटी क्या छीनेंगे फिर एक ऑटो के पीछे लिखा देखा
हमें तो अपनो ने लूटा गैरों में कहाँ दम था
हमारी किस्ती वहाँ डूबी जहाँ पानी कम था
इस शेर ने आँखे खोल दी भाई । आप भी पाकिस्तान टीम से महोब्बत करो क्योंकि उससे आपके दिल मे नफरत कम होगी । नफरत कम होगी तो हम एक साथ होंगे एक साथ हुए तो रोटी का सवाल भी पूछेंगे । बताओ पूछेंगे कि नही पूछेंगे
एंकर  -  ऐसा ही पाकिस्तान से प्यार है तो पाकिस्तान क्यों नहीं चले जाते। 
लेखक - तकनीकी रूप से ग़लत सवाल है। पूंजीवाद में कोई भी अपनी मर्जी से कहीं नहीं जा सकता। पाकिस्तान एक अलग देश है। वहां जाने के लिए वीजा लगता है। पकिस्तान सरकार मुझे वहाँ क्यों रहने देगी जब मैं जहाँ पैदा हुआ हूँ वहीँ की सरकार को ऐतराज हो रहा है। पाकिस्तान क्या मैं तो उस इंग्लैंड भी जाने को तैयार हूँ जिन्होंने 200 साल भारत का शोषण किया। पाकिस्तान को तो 70 साल ही हुए है। पर मैं इंग्लैंड भी नहीं जा सकता। विजय माल्या और सुभाष चंद्रा इंग्लैंड और पाकिस्तान दोनों जगह जा सकते है। गरीब कहीं नहीं जा सकता। 
एंकर -मैं जो पूछ रहा हूँ उसका जवाब दो तुम बस तुम्हारा पाकिस्तान से क्या रिश्ता है ? क्या तुम कांग्रेसी हो ? 
लेखक - मेरा पाकिस्तान से  पुराना रिश्ता है। जिस धरती पर मैंने जन्म लिया वो पंजाब का हिस्सा थी आधा पंजाब पाकिस्तान में है। हमारी जुबान भी एक थी आज भी हमारी जुबान एक ही है। दुनिया में एक पाकिस्तानी ही ऐसे है जिनसे बात करने के लिए विदेशी जुबान की जरूरत नहीं पड़ती। हमारा बहुत कुछ सांझा है। रही बात कांग्रेस  की तो मैं तो नहीं आपका मालिक जरूर कांग्रेसी था। अब के राज्य सभा में भी कांगेस के विधायकों की मदद से पहुँचा है। मुझे पाकिस्तान क्रिकेट टीम को स्पोर्ट करने से एक नया पैसा नहीं मिलेगा। पर आपके मालिक ने बाकायदा एक चैनल खोलकर पाकिस्तानी सीरियल दिखा दिखा कर करोड़ों रूपये कमायें है पाकिस्तान अभिनेता की  यहाँ भारत में फैन फॉलोइंग बनवाई है। कांग्रेस में जो नेता और बिजनेसमैन हैं उनकी सेहत पर पिछले 3 सालों में  कोई फर्क नहीं पड़ा है। जिंदल वैसे ही तरक्की कर रहा है। उसके भाई को पाकिस्तान भाईचारा बढ़ाने भेजा  जाता है। आप का ये चैनल भी कोई नया नहीं है। कांग्रेस के वक्त का ही है। 

एंकर - अच्छा अब एक देशद्रोही हमारा मुकाबला करेगा। तुम जानते हो मैं कौन हूँ तुम्हारी औकात  नहीं है मुझसे बात करने की। 
लेखक - जी बिलकुल जानता हूँ आप कौन है। आप एक देशभक्त चैनल के देशभक्त एंकर है। मैं देशद्रोही हूँ। आप भारत क्रिकेट टीम को स्पोर्ट करते है मैं पाकिस्तान को स्पोर्ट करता हूँ । आप 2000 के नोट में चिप डलवाते है। मैं चिप वाला 2000 का नोट फाड़कर चिप निकालने की कोशिश करता हूँ और अपने 2000 के रूपये का नुकसान करता हूँ। आप फर्जी विडिओ बनवाते हैं मैं उन फर्जी विडिओ को वाट्सप्प पर शेयर नहीं करता हूँ । आप जिस चैनल पर प्रोग्रम देते है मैं वो चैनल क्या टीवी ही नहीं देखता हूँ । इसके अलावा एक और फर्क भी है आप में और मुझ में 

एंकर (गुस्से में लाल होते हुए )  -क्या 

लेखक -  मैं  कभी तिहाड़ नहीं गया हुआ। 

एंकर - यही हालत रहे तो जल्दी ही चले जाओगे। तुम पाकिस्तान नहीं जा सकते तो इस देश में जी क्यों रहे हो फाँसी तो खा सकते हो 

लेखक  - रस्सी महंगी है
एंकर   - ट्रेन से कट जाओ
लेखक  - स्टेशन बेच दिए प्राइवेट वाले नही कटने देते । पैसे मांगते है
एंकर  - कुए में पड़ जाओ
लेखक - कुए सरकार ने नही छोड़े सब का पानी खराब कर दिया है
एंकर  - गो टू  हेल
लेखक - जी सरकार की पूरी कोशिश है नरक यही बन जाये मैं आलसी हूँ सरकार पर भरोसा करके बैठा हूँ कि कहीं जाना न ही पड़े।


 एंकर  - ये प्रोग्राम बंद करो। कौन लेकर आया इस लेखक को यहाँ। ये वीडियो लेकर जाओ और इसके साथ छेड़छाड़ करके इसे देखने लायक बनाओ और इस लेखक को तिहाड़ भेजने का बंदोबस्त करो।

(तिहाड़ का नाम आते ही लेखक की आँखें खुल गयी और शुक्र  बनाया कि ये सब सपने में हुआ। वैसे शुक्र क्या है ये सब सपने में ही सम्भव है। असलियत में लेखक की इतनी औकात कहाँ है। लेखक परेशान होकर गाना सुनने लगता है।

अपना तो खून पानी , जीना मरना बेमानी
वक्त की हर अदा है अपनी देखी भाली

आपका क्या होगा जनाबे आली।  आपका क्या होगा  )

5 comments:

  1. क़सम खुदा की क्या लिखते हैं माशा अल्लाह

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  3. लेखक तू गयो काम से

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  4. अन्दाज़ अच्छा है

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