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Thursday, 1 June 2017

शर्मा जी की दास्ताँ शुरू कहाँ ख़त्म कहाँ

1.धरती बैल के दो सींगो पर खड़ी है 
2. हनुमान सूरज को निगल गया था 
३. परशुराम ने अपनी माँ का सर काटा फिर वापिस लगा दिया 
४. शिव जी ने गणेश का सर काटा और उसकी जगह हाथी का सर लगा दिया 
५. मोर ब्रह्मचारी होता है। आंसू से प्रेग्नेंट होते है 
६. हनुमान के पसीने से प्रग्नेंट हो गई थी 
७. सोमवार का व्रत रखने से अच्छा पति मिलता है 
८. शिवलिंग पर दूध चढाने से भगवान् खुश  होते है 
९. सावित्री भगवान् से अपना पति वापिस ले आई थी 
१०. गाय एकमात्र प्राणी जो ओक्सिजन लेती और ओक्सिजन छोड़ती है 
११. करवाचौथ का व्रत तोड़ने पर पति मर जाता है। 


ब्राह्मणो द्वारा फैलाये गए हजारो झूठो में से कुछ मैंने ऊपर लिखे है। शर्मा जी राजस्थान हाई कोर्ट के जज है उसी हाई कोर्ट में मनु नाम के उस मर्द की मूर्ति लगी है जो इन सब बेसिरपैर की बातो और नारी दमन की बातो का जनक था। शर्मा जी ने जो कहा वो फेसबुक , अख़बार में चर्चा का विषय है। जैसा की हमेशा होता है पहले फेज में शर्मा जी की जमके फजीहत हुई। लोग वैसे ही भरे बैठे थे। जोक ही जोक। बहुत से बहुत उम्दा क्वालिटी के कुछ मध्यम कुछ बेकार। मोर की प्रेम कहानी हिट हो गई। खैर अभी दूसरा फेज शुरू होने वाला है दूसरे फेज की पोस्ट आनी शुरू हो गई है। इसमें लोग  पहले वाले ट्रेंड की आलोचना करती हुई पोस्ट डालते है। उसमे से कुछ दोस्तों की शिकायत होती है कि इसका बहाना बनाकर कुछ छुपाया गया है शुरुवात में जब ये ट्रेंड चला तो बहुत अच्छा लगता था। लगता था ये लोग तो बहुत कमाल के है सरकार जो छुपाना चाहती हो ये पकड़ लाये। सरकार हमें बहका के इतना बड़ा काम कर रही थी। पर अब हर बार ऐसी 25 पोस्ट आ जाती है तो अब इतनी सीरियस ये पोस्ट नहीं ली जाती। कुछ दोस्त अतिवाद की पोस्ट डालते है। दूसरा फेज आने के बाद चुटकले आने कम होने लगते है फिर आखिर में सब अपने काम पर लग जाते है। 
अहम् सवाल ये है कि शर्मा जी ने जो स्टेटमेंट दी वो क्यों दी और कब दी।  वो रिटायर होने वाले है या हो चुके है। लिहाजा उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। कुछ न कुछ बन ही सकता है। जहाँ तक स्टेटमेंट की बात है ये बात बिलकुल संभव है कि शर्मा जी सच में ऐसा मानते हो और सच में इतने ही मुर्ख हो जैसी मूर्खता भरी उन्होंने बात की है। बल्कि ज्यादा सम्भावना इसी बात की ही है। आज जितने लोग हंस रहे है चुटकले सुना रहे है बहुत मुमकिन है बहुतो ने सच्चाई गूगल से सर्च कर के पता की हो। कल तक वो भी यही मानते रहे हो कि  मोर ब्रह्मचारी होता है। करवाचौथ का व्रत न करने से पति मर जाता है हजारो पढ़ी लिखी लड़कियाँ ये कथा हर साल पढ़ती है। सुनती है। हजारो प्रगतिशील पति करवाचौथ की रात मुंह धोकर छलनी के आगे आ कर खड़े हो जाते है। शिवलिंग पर दूध चढाने वालो की भी कमी नहीं है। विज्ञान का मसला तो साफ है ना। पर हम विज्ञान और अविज्ञान के बीच में एक चीज और फंसा देते है आस्था। आस्था है जी। आस्था पर सवाल नहीं करने चाहिए। अरे मेरे भाई आस्था पर हम कर भी नहीं रहे है हम तो मूर्खता पर सवाल कर रहे है। जहाँ विज्ञान की बात होगी वहाँ नारियल नहीं फोड़े जाएंगे।

मुझे शर्मा जी पर पूरा यकीन है कि एक तो उन्हें इस बात पर पूरा यकीन  था कि मोर ब्रह्मचारी होता है बल्कि उसको इस बात पर भी पक्का यकीन था मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए बनाया गया क्यूंकि वो ब्रह्मचारी है। मेरे काबिल दोस्त इस बात का पता लगाए कि मोर को राष्ट्रीय पक्षी बनाने के पीछे उस वक्त क्या तर्क दिए गए हो। क्या पता शर्मा जी सच ही बोल रहे हो। वैसे एक किवंदती ये भी है कि ब्राह्मण ब्रह्मा के मुंह से पैदा हुए थे। इसलिए बता रहा हूँ कि अगली बार कोई जज ऐसा कहे तो आप अपडेट रहे।  

आखिरी बात अगर शर्मा जी की बात मान भी ली जाए और सेक्स को शर्म की और सेक्स न करने वाले  मर्द को भारत देश की आन बान शान मान लिया जाए तो एक अलग डिबेट शुरू हो जानी है। शर्मा जी के खुद के परिवार से लेकर ये बात जाने कहाँ कहाँ तक पहुँच जायेगी। अगर ब्रह्मचर्य ही देश की पहचान है तो भारत की दीवारे मर्दानगी की दवाई बेचने वाले विज्ञापनों से क्यों अटे हुए है। 2013 का मामला है  राजस्थान कोर्ट के ही एक और जज ने अपनी बेटी को हाउस अरेस्ट कर लिया था क्यूंकि बेटी लव मैरिज करना चाहती थी। सुप्रीम कोर्ट ने लड़की को आशीर्वाद दिया। लड़का मुखर्जी था लड़की राठौर। खैर मसला तो ये भी है कि शर्मा जी और राठौर जी दोनों मेरिट से जज बने होंगे। दोनों ने फैसले भी सुनाये होंगे। राठौर साहब के पास तो प्रेमी जोड़े अपनी जान की दुहाई मांगने भी आये होंगे। क्या दोनों जजों की दिमागी हालात की जांच नहीं होनी चाहिए ? 

खैर मेरे को क्या है आज वीरवार है। आज नाख़ून नहीं काट सकता। कपडे ही नहीं धो सकता। शनिवार को लोहा नहीं ले सकता तो कल ही खरीदना पड़ेगा। ये मत पूछना लोहा क्यों ले रहा हूँ। मैंने सुना है लोहा पास रहने से नागिन की आँख का फलेश बेकार हो जाता है फोटो धुंधली आती है फिर। 

5 comments:

  1. बढ़िया लिखा है

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  2. गम्भीर बात को पेश करने का बेहतरीन तरीक़ा.

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