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Tuesday, 30 May 2017

आडवाणी अयोध्या के अलावा खबर और भी है



कल ही अख़बार पर लिखना शुरू किया आज ही अख़बार देर से आया। देर हुई आने में लेकिन शुक्र है कि अख़बार आया तो। अख़बार में खबर है कि सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर के पास एक करोड़ के पुराने 1000 और 500 के नोट मिले है।  पुराने नोट 95 परसेंट उन मायावी दो महीनो में ही सरकार की टकसाल में वापिस पहुँच गए थे। अभी भी लोगो के पास मिल ही रहे है। सवाल इतने है जवाब किसी ने देना नहीं है। अगर पुराने नोट अभी भी लोगो के पास है तो सरकार के पास कौन से नोट पहुँचे ? कहीं ऐसा तो नहीं सरकार ने नकली नोट ले लिए लोगो से और नए नोटों में पेमेंट भी कर दी। नकली नोटों की कमर तोड़ने के लिए सरकार ने खुद ही तो नकली नोट नहीं खरीद लिए। ये डीलर लोग अभी भी एक करोड़ पुराने नोटों को क्या कर रहे है ? जनवरी फरवरी तो महीने सर्दी के ही होते है। हमने सुना है नोटों में बहुत गर्मी होती है पर कभी हाथ सेंक कर नहीं देखे। मुझे तो ये सब  देख पढ़कर नुसरत फ़तेह अली खान ही याद आ रहे है 

तुम एक गोरखधंधा हो। 

ये गाना नोटबंदी के लिए ही लिखा गया है शायद। 

एक यमुनानगर की खबर है। लिव इन में रह रही एक युवती ने बलात्कार का केस किया था युवक पर। यॉर ऑनर ने केस डिसमिस कर दिया है। लड़की बालिग है , मर्जी के साथ युवक एक साथ रह रही है तो फिर दुष्कर्म कैसा ? लड़की की ग़लती थी उसे बालिग नहीं होना चाहिए था। भारतीय मर्द से वफ़ा की उम्मीद अपने आप में एक मृग तृष्णा है। बालिग हो अपनी मर्जी से रहती तो बलात्कार नहीं हो सकता। शादी में बलात्कार नहीं हो सकता। मैं तो बोलता हूँ ये चोंचले है लड़कियों के। मेरा के पुराना दोस्त कहता था कि बलात्कार जैसी किसी चीज का आस्तित्व ही नहीं है। बिना लड़की सहमति के उसके साथ सेक्स किया ही नहीं जा सकता। ये भी कहता था वो कि लड़की सेक्स ज्यादा चाहती है। बलात्कार वलात्कार कुछ नहीं होता। ये सब भोले भाले लड़को के पेट में भाले घोंपने के लिए लड़कियां षड्यंत्र रचती है। त्रिया चरित्र को कौन समझ पाया है हमारे शास्त्रों में लिखा है ये। मासूम लड़के को पहले लड़की ने अपने प्यार के जाल में फँसाया। साथ रहे। बाद में लड़के को अहसास हुआ कि ये तो ग़लत है उसने शादी दूसरी लड़की से कर ली। लड़के मासूम होते है। लड़कियां बदमाश। प्रूव्ड फैक्ट है। अभी आप कहेंगे कि देखो ये लिव इन वाला कॉन्सेप्ट ही बेकार है। शादी करनी चाहिए बाकायदा। जैसे भारत के मर्द शादी  के रिश्ते को मानते है। जैसे शादी के बाद वो दूसरी लड़कियों पर लार नहीं टपकाते। दिक्कत शादी या लिव इन नहीं है भाई। दिक्कत हमारा समाज है जहाँ लड़कियों की आजादी के लिए जगह ही नहीं है। हर जगह वही विश्व गुरु वाली मानसिकता है। लड़कियाँ शादी में रहे , लिव इन में रहे या अकेले रहे , उन्हें  लोकतान्त्रिक अधिकार है या नहीं ? पड़ोस के लड़के तक उन्हें अपनी प्रॉपर्टी मानने लगते है। घर के लोगो की तो बात क्या कहे। मसला भारतीय समाज को डेमोक्रेसी सिखाने का है। 

बीच के पेज में कही खबर है पतंजलि के 40 फीसदी प्रोडक्ट्स क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए। पिछले महीने सेना की कैंटीन ने पतंजलि के आंवला दिव्य जूस पर बैन लगा दिया था। बताओ अब ये तो हाल है। देशभक्ति प्रोडक्ट्स को भी फेल पास करने लगे ये। मैं रामदेव जी के साथ हूँ। मैं तो अब गोबर खाने के लिए भी मेंटली तैयार होने लगा था। अब ये खबर निराश करती है। "देश के लिए " के लिए ही बात आ गई तो क्या पास क्या फेल , प्यार महोब्बत दिल का खेल । 

एक छोटी सी खबर ये भी है कि अभिजीत नया ट्वीटर अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया। ये क्या बात हुई। इसकी तो कड़ी निंदा होनी चाहिए। इस देश में देशभक्ति प्रोडक्ट्स बैन हो रहे है। देशभक्तो के अकाउंट्स सस्पेंड हो रहे है अच्छे दिन कहाँ है भाई। 

फ्रंट पेज की खबर है राज्य सरकार ने तीन गाँवों के नाम बदले है। तीन गाँव गंदा , किन्नर और चमारघेड़ा के नाम बदलकर अजित नगर , गैबी नगर और देव नगर कर दिए है। अभी बहुत से नाम और बदलने है।  कुत्ता गढ़ का नाम प्यार नगर रखने की सिफारिश की है। ये नाम इन गाँवों के कैसे पड़े ये पता लगाना एक दिलचस्प स्टोरी हो सकती है। 

 फ्रंट पेज की ही एक और खबर है 90 परसेंट युवाओ के तनाव का कारण माँ बाप है ऐसी रिसर्च की है महर्षि दयानन्द यूनिवर्सिटी ने। बेसिरपैर की उड़ाते रहते है ये लोग भी। 

बाकी सब रूटीन सरकार के विज्ञापन थे। 

कल फिर आऊंगा अख़बार लेकर आपके पास 
अमोल सरोज स्टेटस वाला 

3 comments:

  1. अख़बार से ज़्यादा रोचक बातें..ख़बरों की ख़बर लेती हुई पोस्ट।

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